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भक्तों के साथ गुरु पादुका का पूजन करते तुलसाराम महाराज।

बालोतरा. श्री ब्रह्मांशावतार ब्रह्मर्षि खेताराम महाराज की सत्प्रेरणा से श्री ब्रह्मा सावित्री सिद्ध पीठाधीश्वर तुलसाराम महाराज के सानिध्य में श्री खेतेश्वर ब्रह्मधाम से तीर्थराज पुष्कर तक श्री खेतेश्वर पैदल यात्रा संघ का प्रस्थान सोमवार सवेरे 9 बजे होगा। यात्रा के उपलक्ष्य में रविवार को ब्रह्मधाम गादीपति तुलसाराम महाराज की ओर से रविवार को सैकड़ों भक्त-भाविकों के साथ वेदांताचार्य ध्यानाराम महाराज के मंत्रोच्चार के साथ गुरु पादुका पूजन किया गया।

बालोतरा. भक्तों के साथ गुरु पादुका का पूजन करते तुलसाराम महाराज।
न्यास के महामंत्री बाबूलाल कालूड़ी ने बताया कि गुरु पादुका पूजन के बाद शाम 5 बजे तक विश्व शांति यज्ञ का आयोजन किया गया। विश्व शांति यज्ञ में यज्ञाचार्य कंवरलाल फलौदी के मंत्रोच्चारण के साथ मुख्य यजमान ब्रह्मर्षि तुलछाराम महाराज के सान्निध्य में आहुतियां दी व महायज्ञ की आरती उतारी गई। रात्रि जागरण का आयोजन किया गया। ब्रह्मधाम संस्थापक खेताराम महाराज की प्रेरणा से तुलछाराम महाराज के सान्निध्य में खेतेश्वर ब्रह्मधाम से तीर्थराज पुष्कर तक पैदल यात्रा संघ करीब 3000 भक्त-भाविकों के साथ ब्रह्माजी और खेताराम के जयकारे लगाते हुए खेतेश्वर पैदल यात्रा संघ सोमवार को 9 बजे रवाना होगा। संघ 8 जुलाई को पुष्कर पहुंचेगा।

गोमाता के दूध का कर्ज निभाना जरूरी : राज के पुरोहित

बेलगाम के बालिका आदर्शा स्कूल के मैदान मे गोमाता की रक्षा मे हमारी सुरक्षा के तहत सुख के लिए इस किताब का अनावरण कार्यकरम मे गोमाता की पूजा करते अभिनेता राज के पुरोहित साथ मे रामेश्वरलाल  भाटी एवं अन्य
गोमाता के दूध का कर्ज निभाना जरूरी : राज के पुरोहित

बेलगाम|अभिनेता राज के पुरोहित ने कहा की देश पर जब अंग्रेज़ो ने राज्य किया तब उन्होने देश की संस्कृती और गोमाता को मिटाने के लिए जर्सी गाय को देश मे लाया था|अंग्रेज़ो के देश मे आने से पहले आबादी से ज्यड़ा गयो की संख्या थी लेकिन अब जन संख्या ज्यादा और गायों की संख्यकम हुवी है जिस से संमतोल बिगड़ा हुवा है| गोमाता की रक्षा मे ही मानव की सुरक्षा छुपी हुवी है इस लिए हर एक को गोरक्षा करना प्रथम कर्तव्य बन गया है|
बेलगाम शहर के तिलक वाडी के बालिका आदर्श हाय स्कूल के सभागार मे आयोजित गोरक्षा मे हमारी सुरक्षा सुख के लिए इस चार भाषों मे अनुवादित किताब का अनावरण किया गया| शुरुवात मे इस्कॉन  के नन्द नन्दन महाराज और  प्लास्टिक असोसिएशन के अध्यक्ष रामेश्वरलाल भाटी, समाज सेवी टीकमचंद राजपुरोहित, पवन राठोड ने गोमाता  की पूजा की जिस के बाद कार्यकरा की शुरुवात हुवी|
            इस अवसर पर श्री राम सेना के जिलाध्यक्ष रमाकांत कोंडुस्कर, चंदगड़ महाराष्ट्र के पूर्व  विधायक नरसिंह राव पाटिल, भाजप  नेता अनिल बेनके, राम सेना के रवि कोकितकर  प्रभु निलजकर , सनातन संथा के नीरज गुर्जर भी मौजूद थे|इस्कॉन के ब्रिज मोहन दास ने सुख के लिए यह मराठी मे किताब लिखी है जो की उन्होने खुद महाराष्ट्र के चंदगड़ तहसील के 8000 स्कूल छत्रों मे वितरित की है इस किताब का चार भाषाओ मे भाषांतरित किया गया है| 
राज के पुरोहित ने आगे कहा की जैसे माँ दूध पीकर अपना बेटा  जीवन भर माँ को संभालता है उर दूध का कर्ज निभाता है ठीक उसी तरह गोमाता का दूध पीकर हम सभी उस की रक्षा कर अपना फर्ज निभाना जरूरी है|इस अवसर पर  इस्कॉन के भकजन और राम सेना के कार्यकर्ता मौजूद थे|
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महाशिवरात्रि

महाशिवरात्रि हिंदुओं का एक महत्वपूर्ण
पर्व है। हमारे समाज में
अधिकतर हिंदू भगवान शिव के उपासक हैं,
इसलिए वे
महाशिवरात्रि पर्व को काफ़ी उत्साह के
साथ मनाते हैं। हरिद्वार में
हो रहे कुंभ मेले पर शाही स्नान इसी दिन
शुरू हुआ था और प्रयाग में
माघ मेले और कुंभ मेले का समापन
महाशिवरात्रि के स्नान के बाद
ही होता है। महाशिवरात्रि के पर्व पर
शिवालयों में महिलाओं और
पुरुषों की काफ़ी भीड़ होती है। लोग
शिवलिंग पर बेल
की पत्तियाँ चढ़ाते हैं, गंगाजल से या दूध
से स्नान कराते हैं। भक्तगण
‘ओम नम: शिवाय’ का पाठ करते हैं और
चारों तरफ़ ‘हर-हर महादेव’
के जयकारे सुनाई पड़ते हैं। मन्दिरों के
परिसर घंटे-
घड़ियालों की आवाज़ से गूंज उठते हैं।
अधिकांश लोग
शिवजी को प्रसन्न करने के लिए व्रत

इतिहास, संस्कृति व संबंधों को और आगे बढ़ाने व समझने की जरूरत : गजसिंह

इतिहास, संस्कृति व संबंधों को और आगे बढ़ाने व समझने की जरूरत : गजसिंह
जोधपुर। महाराजा मानसिंह पुस्तक प्रकाश शोध केन्द्र, मेहरानगढ़ म्युजियम ट्रस्ट व राजपुरोहित समाज द्वारा प्रकाशित व डॉ. महेन्द्रसिंह नगर द्वारा सम्पादित 憫राजपुरोहितों का राजस्थान के राजपरिवारों से सम्बन्ध憫 पुस्तक का बुधवार सांय को जयनारायण व्यास टाऊन हॉल में लोकार्पण समारोह आयोजित हुआ। समारोह के मुख्य अतिथि पूर्व नरेश गजसिंह ने कहा कि पुस्तक से नई पीढ़ी को प्रेरणा मिलेगी, एक बार पुन: सम्बन्ध जागृत होंगे। उन्होंने कहा कि पहले छत्तीस कौम के साथ मिलकर काम करते, आज अलगाववाद, जातिवाद के कारण सम्बन्धों को भूलते जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि राजपुरोहित समाज व राजपरिवार की परम्पराएं व सम्बन्ध बने रहे, उन्हें और मजबूती प्रदान करें, ऐतिहासिक सम्बन्ध किसी तरह टूटे नहीं। आज इतिहास, संस्कृति व सम्बन्धों को और आगे बढ़ाने की आवश्यकता है, इन्हें समझने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि संतों के आशीर्वाद व मार्गदर्शन से समाज आगे बढ़ता है। संत तुलछारामजी महाराज का मारवाड़ में नाम है। उन्होंने कहा कि मारवाड़ का व्यक्ति बाहर जाकर भी मारवाड़ के विकास की बात भूलता नहीं, सम्बन्ध बनाये रखता है।
समारोह अध्यक्ष जयनारायण व्यास विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. बी.एस. राजपुरोहित ने कहा कि जमाना शिक्षा का है। बालक-बालिका में शिक्षा के लिए किसी प्रकार का भेदभाव नहीं करें, बालिका शिक्षा पर भी विशेष ध्यान देवें। शिक्षा से ही व्यक्ति जीवन में आगे सफलता प्राप्त करता है।
विशिष्ट अतिथि मुम्बई भाजपा के अध्यक्ष व पूर्व मंत्री राज के. पुरोहित ने अपने उद्बोधन में कहा कि पुस्तक राजपुरोहित व राजपूतों के प्रति सम्मान को प्रदर्शित करने वाला प्रकाशन है। पुस्तक के अध्ययन से विद्यार्थी इतिहास व पूर्वजों के साथ जुड़ेगा। उन्होंने महाराजा मानसिंह पुस्तक प्रकाश शोध केन्द्र का पुस्तक प्रकाशन के लिए आभार व्यक्त करते हुए कहा कि पुस्तक से समाज को नई दिशा मिलेगी व सम्बन्धों को मजबूती भी प्राप्त होगी। मुख्य वक्ता प्रो. जहूर खां मेहर ने कहा कि राजपुरोहित समाज की पौराणिक काल से ही प्रमुख भूमिका रही। युद्धों में भी इनकी प्रमुखता रहती थी। पुस्तक से ऐतिहासिक, सामरिक जानकारी मिलेगी।  विशिष्ट अतिथि राजपुरोहित शोध संस्थान तिंवरी के संस्थापक प्रहलादसिंह राजपुरोहित ने भी समारोह को सम्बोधित किया।
मेहरानगढ़ म्युजियम ट्रस्ट के महानिदेशक व पुस्तक के सम्पादक डॉ. महेन्द्रसिंह नगर ने पुस्तक पर प्रकाश डालते हुए कहा कि पुस्तक में लगभग डेढ़ सौ ऐतिहासिक पत्रों का प्रकाशन किया गया है। इन पत्रों से उस समय के राजपरिवार के साथ राजपुरोहितों के सम्बन्धों के बारे में जानकारी मिलती है। उस समय के ऐतिहासिक घटनाक्रम व वातावरण की भी जानकारी पत्रों से प्राप्त होती है। पुस्तक शोध के विद्यार्थियों के लिए ऐतिहासिक दस्तावेज सिद्ध होगी। प्रारम्भ में पूर्व नरेश गजसिंह ने पुस्तक का विमोचन किया। समारोह का शुभारम्भ खेतेश्वर व गणेशजी की मूर्ति के सम्मुख दीप प्रज्जवलन के साथ हुआ। समारोह में आसोतरा धाम के संत तुलछारामजी महाराज के सान्निध्य में हुआ। समारोह में महारानी हेमलता राज्ये सहित राजेन्द्रसिंह राजपुरोहित, कानसिंह राजपुरोहित, अर्जुनसिंह राजपुरोहित, भूरसिंह, पहाड़सिंह, हनुमानसिंह राजपुरोहित, देवीसिंह राजपुरोहित, रामचन्द्रसिंह बासनी, पूर्व विधायक नारायणराम बेड़ा, घनश्याम ओझा, देवीसिंह चम्पाखेड़ी, नरपतसिंह राजपुरोहित, गोविन्द्रसिंह तिंवरी, अर्जुनसिंह तिंवरी, सुमेरसिंह कानोडिया, नाहरसिंह अराबा सहित राजपुरोहित समाज के गणमान्य नागरिक उपस्थित थे। आभार कानसिंह राजपुरोहित ने व्यक्त किया व संचालन जफ रखान सिंधी ने किया।

वेद मंत्रो के साथ किया माँ ज्वालादेवी के मंदिर का भूमिपूजन;

 
वेद मंत्रो के साथ किया माँ ज्वालादेवी के मंदिर का भूमिपूजन;
रेवतडा गाँव वावडी धाम परिसर में राजपुरोहित जागरवालो की कुलदेवी ज्वालादेवी के मन्दिर निर्माण का सोमवार को वेद मन्त्रों के साथ शिलान्याय एव भूमिपूजन किया गया कार्यक्रम में गोवर्धन गोशाला पथमेड़ा के संस्थापक श्री दत्तशरणानन्द  महाराज एव अन्य संतो और ग्रामीणों ने शिरकत की । सोमवार को श्री ज्वालादेवी के संगमरमर के मन्दिर शक्तिपीठ निर्माण के लिए शिलान्याय एव भूमि पूजन कार्यक्रम को लेकर सवेरे से ही राजपुरोहित जागरवाल गोत्र के समाज बन्धु महिला और पुरुषो के आने का सिलसिला शुरू हो गया था । इसके बाद गोपाल गोशाला पथमेड़ा के दत्तशरणानन्द जी महाराज ,  महामडलेश्वर श्री निर्मलदास जी एव आत्मानन्द समाधि  जालोर के रामानन्द महाराज के सानिध्य में वैदिक मन्त्रो च्चार के साथ लाभार्थी जवानजी % देवजी करतोणी परिवार ने भूमि पूजन किया तथा  खिमजी % मोम्ताजी हिरोणी परिवार ने शिलान्याय किया । माँ ज्वालादेवी के जयघोस से पूरा परिसर धर्ममय हो गया

खेतेश्वर फिर से आ जाओ

" खेतेश्वर फिर से आ जाओ ..."

रुढियो से समाज  धीरा हे ' निवारण तुम कर जाओ '
हर बन्धु कहे समाज का ' खेतेश्वर फिर से आ जाओ !
समाज के लिए त्याग एवं बलिदान नही हे पहले जेसा '
श्री राम - क्रष्णा की पुण्य भूमि पर हावी हो गया पैसा !
अपने सद्व्वसनो से ' फिर से अलख आप जगा जाओ '
हर बन्धु कहे समाज का ' खेतेश्वर फिर से आ जाओ !
अब चन्दा - चिट्टी हम करते हें '
निजी स्वार्थो के खातिर '
भूखों और गरीबों की सेवा भी नाम कमाने के खातिर !
समाज सेवा का हम सबकों.
  -- देवीसिंह हियादेसर --

ब्रह्मधाम गादीपति तुलसाराम महाराज के सानिध्य में स्कूली छात्रों को पोशाक तथा जरूरतमंद लोगों को कंबल वितरित

निकटवर्ती लुदराड़ा गांव के राउप्रावि प्रांगण में सोमवार को ब्रह्मधाम गादीपति तुलसाराम महाराज के सानिध्य में स्कूली छात्रों को पोशाक तथा जरूरतमंद लोगों को कंबल वितरित की गई। कार्यक्रम में सिवाना विधायक हमीरसिंह भायल तथा डीईओ ((प्राशि)) बाड़मेर पृथ्वीराज दवे बतौर अतिथि शरीक हुए।
मुख्य अतिथि सिवाना विधायक भायल ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि शिक्षा से ही समाज का विकास संभव है। उन्होंने बालिका शिक्षा पर बढ़ावा देते हुए शिक्षा से वंचित बालिकाओं को शिक्षा की मुख्य धारा से जोडऩे का आह्वान किया। डीईओ पृथ्वीराज दवे ने शिक्षा के सहयोग के लिए अन्नदान से विद्यादान को परमदान बताया। स्वागत भाषण में भामाशाह चुन्नीलाल की ओर से राउप्रावि रेबारी बस्ती में प्याऊ बनाने की घोषणा की गई। इस दौरान भाजपा जिला उपाध्यक्ष मूलसिंह भायल, सिवाना बीईईओ सोनाराम गर्ग, गेबसिंह इंद्राणा, सरपंच भीखीदेवी, पूर्व सरपंच बाबूलाल कच्छवाह, एबीईईओ इंद्रमल घांची, उप सरपंच जोगभारती, ईश्वरसिंह बालावत, लक्ष्मीनारायण सोनी, प्रधानाचार्य जेठूसिंह उपस्थित थे।
bhaskarnews

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राजपुरोहित समाज के लिए गोरव की बात

राष्टीय नरेंदर मोदी सेना में राजस्थान परदेश पर महसचिव पद पर नियुक्ति होने पर राजपुरोहित  दर्पण की और से हार्दिक शुभकामनाये
शेतानसिंह जी आशाणा

छात्राएं कॅरिअर की परवाह कर तकदीर बनाएं

लड़कियों को शादी से पहले कॅरिअर की परवाह करनी चाहिए।

मंच कोई भी हो हमेशा आत्मविश्वास देता है। इसके जरिए लड़कियों को शादी से पहले कॅरिअर की परवाह करनी चाहिए। अगर इस वक्त हम अपनी मेहनत और लगन से इस्तेमाल करें तो यह हमारी तकदीर बना देता है।
ये विचार एमबीसी गल्र्स महाविद्यालय में आयोजित 'भोर' 2014 के समापन समारोह में मुख्य अतिथि अतिरिक्त जिला मजिस्ट्रेट अरुण पुरोहित ने व्यक्त किए। उन्होंने कहा कि कामयाबी के लिए जरूरी है कि हम अपनी गलतियों से बचते हुए दूसरों की गलतियों से सबक लें। उन्होंने छात्राओं को प्रेरित करते हुए कहा कि लक्ष्य प्राप्ति के लिए हमें पूरी ऊर्जा उस दिशा में लगानी चाहिए।
कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए कॉलेज प्राचार्य डॉ. हुक्माराम सुथार ने कहा कि यह महाविद्यालय हर क्षेत्र में प्रगति कर रहा है, लेकिन अन्य विषयों का अभाव तथा स्नातकोत्तर स्तर की गैर मौजूदगी छात्राओं के आगे बढऩे में बाधा बन रही है। विशिष्ट अतिथि पूर्व अभाविप राज्य मंत्री जोगेंद्र सिंह राजपुरोहित ने कहा कि हमारे चारित्रिक विकास के लिए जरूरी है कि हम राष्ट्रवादी विचारधारा का अनुसरण करें।

राजपुरोहित फैन्सी व्यापार एसोसिएशन अध्यक्ष बने

राजपुरोहित फैन्सी व्यापार एसोसिएशन अध्यक्ष बने

जनरल फैन्सी व्यापार एसोसिएशन के मणियारी, फैन्सी व कॉस्मेटिक स्टोर्स के व्यापारियों की बैठक स्थानीय बाबा रामदेव मंदिर प्रांगण में आयोजित हुई। प्रवक्ता गौतम चंद रोपिया ने बताया कि बैठक में जनरल फैन्सी व्यापार संघ का गठन किया गया, जिसमें सर्वसम्मति से संपत सिंह राजपुरोहित को संघ के अध्यक्ष पद

राजपुरोहित खांडप स्मृति कोष का समारोह आज

राजपुरोहित खांडप स्मृति कोष का समारोह आज

डॉ. नृसिंह राजपुरोहित खांडप स्मृति कोष की ओर से जिले के प्रतिभावान विद्यार्थियों को सम्मानित किया जाएगा। सम्मान समारोह राजकीय उच्च प्राथमिक स्कूल सिवाना में रविवार सवेरे 11 बजे आयोजित होगा। स्मृति कोष के सदस्य सालगराम परिहार ने बताया कि समारोह में मुख्य अतिथि एसडीएम गोमती शर्मा व अध्यक्षता नेहरु कॉलेज जोधपुर के प्रो. कन्हैयालाल राजपुरोहित करेंगे। अतिथियों के हाथों से प्रतिभावान विद्यार्थियों व खिलाडिय़ों को सम्मानित किया जाएगा। समारोह में आयकर विभाग मुंबई के कमिश्नर राजेंद्र राजपुरोहित शिरकत करेंगे। स्मृति कोष खंडप के पदाधिकारी हनुमानसिंह भाटी, शैतानसिंह भाटी, छगनलाल

ब्रह्मलीन हुए अखाराम महाराज को दी श्रद्धांजली

ब्रह्मलीन हुए अखाराम महाराज को दी श्रद्धांजली 

श्री खेतेश्वर ब्रह्मधाम

श्री खेतेश्वर ब्रह्मधाम तीर्थ के गुरु मंदिर पर खेताराम महाराज के सेवक अखाराम
महाराज के देवलोकगमन पर शुक्रवार को गंगाप्रसादी का आयोजन हुआ। इस दौरान
बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने अखाराम महाराज को श्रद्धांजलि अर्पित की। महामंत्री भंवरसिंह
कनाना ने बताया कि ब्रह्मधाम गादीपति तुलसाराम महाराज के सानिध्य एवं राजपुरोहित समाज व
भाविकों की ओर से अखाराम महाराज के देवलोकगमन के अवसर पर 9 जनवरी की रात्रि में
डांगड़ी रात पर भजन संध्या का आयोजन हुआ।
शुक्रवार को ब्रह्मधाम गादीपति के सानिध्य में गंगा प्रसादी का आयोजन हुआ। हरिद्वार से लाए
गए गंगाजल एवं प्रसादी का वितरण संत वृंदों एवं भाविकों में किया गया। मां गंगे की महाआरती के
बाद संत वृंदों एवं भाविकों ने ब्रह्मलीन अखाराम महाराज को श्रद्धांजलि अर्पित की। इस अवसर पर
वेदांताचार्य ध्याना राम महाराज, अणदाराम महाराज, अंतरराष्ट्रीय महामंत्री जूना अखाड़ा गाजियाबाद के महंत

About a pongl and Makar Sankranti in hindi



14 जनवरी का दिन उत्तर भारत में मकर संक्रान्ति के नाम से मनाया जाता है जिसका महत्व सूर्य के मकर रेखा की तरफ़ प्रस्थान करने को लेकर है । इसे गुजरात तथा महाराष्ट्र में उत्तरायन कहते हैं, जबकि यही दिन आन्ध्र प्रदेश, केरल तथा कर्नाटक (ये तीनों राज्य तमिल नाडु से जुड़े हैं) में क्रान्ति के नाम से मनाया जाता है । पंजाब में इसे लोहड़ी के नाम से मनाया जाता है ।

दक्षिण भारत के तमिलनाडु राज्य में पोंगल का त्यौहार सूर्य के मकर राशि में प्रवेश का स्वागत कुछ अलग ही अंदाज में किया जाता है । सूर्य को अन्न धन का दाता मान कर चार दिनों तक उत्सव मानाया जाता है और उनके प्रति कृतज्ञता ज्ञापित किया जाता है। विषयकी गहराई में जाकर देखें तो यह त्यौहार कृषि एवं फसल से सम्बन्धित देवताओंको समर्पित है ।

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